दुर्गा भवानी आई रे देवी दुर्गा Bhajan
दुर्गा भवानी आई रे, देवी दुर्गा आई सिंह पे सवार, छाया तेज बेशुमार खुशिया हजारो लाई रे देवी दुर्गा || तुने ही महिषासुर मारा, मधु-केटभ को तुने पछाड़ा, पहने मुंडो की माला.. क्रोध की भड़के ज्वाला, रूप अनोखा पाई रे देवी दुर्गा दुर्गा भवानी आयी रे देवी दुर्गा देवो के दुखो को टारे, शुम्भ -निशुम्भ…
