Navratri 2022: शत्रुओं पर विजय पाने के लिए करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि और मंत्र
नवरात्रि के छठवें दिन भगवती दुर्गा के पावन स्वरूप मां मां कात्यायनी की पूजा करने का क्या लाभ है और क्या है उनकी पूजा विधि, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.
नवरात्रि के छठवें दिन भगवती दुर्गा के पावन स्वरूप मां मां कात्यायनी की पूजा करने का क्या लाभ है और क्या है उनकी पूजा विधि, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.
Kanya Pujan 2022: मान्यताओं के अनुसार छोटी-छोटी कन्याएं माता का ही रूप मानी जाती हैं इसलिए नवरात्रि के नौं दिनों या विशेषकर अष्टमी और नवमी के दिन कन्या भोजन करवाया जाता है. कन्या भोजन में माता की पसंद के पकवान बनाए जाते हैं।
हरदोई जिले के ऐतिहासिक प्राचीन काली मंदिर का इतिहास चौंकाने वाला है. मान्यता है कि मन्नत पूरी होने के बाद भक्त अपनी जीभ काटकर मां काली देवी के चरणों में भेंट करते थे और भक्तों को कुछ होता भी नहीं था.
हरदोई जिले के संडीला कस्बे स्थित शीतला देवी मंदिर की प्रतिमा कई हजार साल पुरानी है. माता के दर्शन मात्र से ही मन को शीतलता और आंखों को प्रसन्नता मिलती है. यह शोर-शराबे से दूर एकांत में बना हुआ.
चाणक्य ने अपने शास्त्र में पुरुष और महिला के रिश्ते को लेकर भी कई बातों का जिक्र किया है. चाणक्य के अनुसार एक पुरुष के कुछ राज ऐसे होते हैं, जिन्हें महिला कई कोशिशों के बाद भी जान नहीं पाती हैं. यहां हम आपको ऐसे उन राजों के बारे में बताने जा रहे हैं.
जीवनसाथी के साथ बेहतर समझ जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आएगी। आपका प्रिय आज थोड़ा उत्तेजित महसूस कर सकता है, जिससे आपके मन पर दबाव बढ़ेगा। आज आप अपना ज्यादातर समय उन चीजों पर बिता सकते हैं जो आपके लिए जरूरी नहीं हैं।
01 अक्टूबर का राशिफल: जानिये क्या कहती है आपकी राशि | Aaj Ka Rashifal | 01 October Horoscope
अक्टूबर का महीना बस कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है। यह महीना तमाम त्योहारों, बैंक अवकाशों से सजा और भरा रहने वाला है। ऐसे में स्वाभाविक है कि आप भी समय से पहले ही यह जानना चाहेंगे कि आखिर त्योहारों से सजे इस महीने का क्या आप खुलकर आनंद ले पाएंगे? क्या आपकी…
मान्यता है कि अष्टमी तिथि के दिन कन्या पूजन करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों का आशीर्वाद देती हैं. क्योंकि कन्याओं का मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है.
अंगराज कर्ण माता चंडिका की पूजा कर उनसे हर रोज सवा मन सोना प्राप्त करते थे और उन्हें दान कर देते थे. सवा मन सोना प्राप्त करने के रहस्य का पता लगाने एक दिन भेष बदलकर राजा विक्रमादित्य पहुंचे तो देखा..