Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र पर इस दिशा में स्थापित करें मां दुर्गा की चौकी, न करें ये भारी गलती, जानें वास्तु के सही नियम
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शक्ति की उपासना का महापर्व ‘चैत्र नवरात्र’ शुरू होने जा रहा है।
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शक्ति की उपासना का महापर्व ‘चैत्र नवरात्र’ शुरू होने जा रहा है।
Kalashtami 2023 भैरव शब्द ‘भृ’ से बना है, जिसका अर्थ है वह जो ब्रह्मांड को धारण और पोषण करके धारण करता है, जबकि ‘राव’ शब्द का अर्थ है आत्म-जागरूकता। काल भैरव शब्द के बारे में सबसे पहले उल्लेख शिव महापुराण में मिलता है।
Jagannath Rath Yatra 2025: वर्षभर घंटे-घड़ियाल और शंख ध्वनि से गूंजयमान रहने वाला निपानिया स्थित इस्कान मंदिर इन दिनों शांत है। यहां न कोई तेज आवाज में बात कर रहा है, न शंख ध्वनि या घंटे-घड़ियाल बजाए जा रहे हैं। भगवान जगन्नाथ के बीमार होने से यह विराम लगा है।
Maha Shivratri 2022: भगवान शंकर और माता पार्वती की आराधना पूरे साल की जाती है। शिवरात्रि महादेव के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
कुंभ राशिफल आज हिंदी में, 16 सितंबर 2024, सोमवार: हमारे दैनिक ज्योतिष भविष्यवाणियों के साथ अपने दिन का अन्वेषण करें
पंडित हर्षित मोहन शर्मा के मुताबिक, आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:51 बजे से 12:45 बजे के बीच रहेगा।
Vastu Tips: घर के चारों कोनों का वास्तु अनुसार रख-रखाव धन, शांति और सफलता को बढ़ाता है। ईशान में मंदिर, नैऋत्य में तिजोरी, वायव्य में सफाई और अग्नि कोण में रसोई रखें। टूटे सामान और कबाड़ से बचें। छोटे उपायों से भी जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।