Gayatri Jayanti 2023: गायत्री जयंती पर पूजा से खुलेंगे समृद्धि के द्वार, जानिए तिथि और पूजा विधि
माना जाता है कि गायत्री माता की आराधना करने से मानसिक शांति मिलती है और घर में सुख-समद्धि आती है।
माना जाता है कि गायत्री माता की आराधना करने से मानसिक शांति मिलती है और घर में सुख-समद्धि आती है।
ब्रज की होली पूरी दुनिया में मशहूर है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी असली शुरुआत कब और कैसे होती है? दरअसल, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को ‘फुलेरा दूज’ (Phulera Dooj 2026) मनाई जाती है। इसी दिन से ब्रज में होली का विधिवत शंखनाद हो जाता है।
भगवान शिव की पूजा के लिए जिस प्रदोष व्रत और प्रदोष काल सबसे उत्तम माना गया है, वह सितंबर के महीने में कब पड़ेगा और क्या है इसकी पूजा की विधि और नियम, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.
Vaishakh Month 2023: वैशाख मास में भगवान विष्णु की तुलसीपत्र से माधव रूप की पूजा की जाती है।
गुरु पुष्य नक्षत्र के दिन लोग विशेष रूप से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं। इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं।
सकट चौथ के दिन महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखती हैं।
14 जून को राहु ग्रह का नक्षत्र परिवर्तन होगा। इससे कई राशियों पर राहु का विशेष प्रभाव देेखने को मिलेगा।