Kalashtami 2023: भगवान भैरव के प्रसिद्ध मंदिर, जहां दर्शन मात्र से दूर होता है सारा भय

Kaal Bhairav Mandir: प्रत्येक माह कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी के रूप में मनाया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव के रौद्र रूप में से एक भगवान भैरव की विशेष पूजा की जाती है. इसके अलावा कालाष्टमी के दिन व्रत रखने का भी विधान है. देश भर में लोग भगवान भैरव के मंदिर जाकर उनके दर्शन करते हैं और विधि-विधान से पूजा करते हैं. मान्यता है कि इससे व्यक्ति के सभी भय दूर हो जाते हैं और जीवन में तरक्की मिलती है. पंचांग के अनुसार भगवान भैरव की विशेष पूजा करने की तिथि यानी कालाष्टमी आज 13 अप्रैल 2023 को पूर्वाह्न 03:44 से प्रारंभ होकर 14 अप्रैल 2023 को पूर्वाह्न 01:34 बजे समाप्त होगी.

ऐसा माना जाता है देश भर में भगवान भैरव के कुछ ऐसे प्रसिद्ध मंदिर हैं जहां शिव के रौद्र रूप के दर्शन मात्र करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. यदि इंसान किसी नकारात्मक ऊर्जा से भयभीत है तो भी इन मंदिरों में दर्शन करना शुभ माना जाता है. तो आइए जानते हैं भगवान भैरव के इन्हीं कुछ प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में.

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काल भैरव मंदिर, वाराणसी

मां गंगा के किनारे बसे सबसे पुराने शहर वाराणसी में स्थित काल भैरव का ये मंदिर बहुत प्रसिद्ध और चमत्कारी माना जाता है. यहां स्थिति भगवान भैरव को काशी के कोतवाल के रूप में पूजा जाता है. महादेव के पावन धाम यानी बाबा विश्वनाथ मंदिर से इस मंदिर की दूरी तकरीबन दो किलोमीटर है. भैरव जी के इस मंदिर में उनकी प्रतिमा काले रंग की है जिसका प्रतिदिन होने वाला श्रृंगार देखना योग्य होता है.

बटुक भैरव मंदिर,नई दिल्ली

राजधानी दिल्ली के विनय मार्ग पर स्थित भगवान भैरव के इस मंदिर का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है. इस मंदिर में बाबा भैरव की प्रतिमा एक कुएं के ऊपर विराजित है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह मूर्ति पांडव भीमसेन स्वयं काशी से लाए थे.

काल भैरव मंदिर, उज्जैन

धार्मिक मान्यता के अनुसार उज्जैन महानगरी में स्थित काल भैरव के इस मंदिर का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है. ऐसा कहा जाता है कि महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा तब तक अधूरी मानी जाती है यदि आप काल भैरव के इस मंदिर में दर्शन नहीं करते हैं. भगवान भैरव के इस मंदिर में उन्हें विशेष रूप से शराब भी चढ़ाई जाती है.

किलकारी भैरव, दिल्ली

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव के रौद्र रूप माने जाने वाले भगवान किलकारी भैरव का यह मंदिर भी राजधानी दिल्ली में स्थित है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मंदिर को महाभारत काल में स्थापित किया गया था.

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(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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