Surya Gochar: मिथुन संक्रांति के दिन करें व्रत और पूजन, सूर्य देव की कृपा से दूर होंगे तमाम ग्रह-दोष
सूर्य का मिथुन राशि में गोचर पूरी दुनिया में नये तरह का प्रभाव लाता है। वहीं रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश वर्षा का सूचक होता है।
सूर्य का मिथुन राशि में गोचर पूरी दुनिया में नये तरह का प्रभाव लाता है। वहीं रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश वर्षा का सूचक होता है।
सावन माह की शुरुआत 22 जुलाई को हुई थी। आज इस माह का समापन होने जा रहा है। सावन माह इस बार 29 दिनों का था। साथ ही इस बार सावन के पांच सोमवार थे। सावन के अंतिम सोमवार पर आपको यहां बाबा महाकाल, काशी विश्वनाथ और सोमनाथ के दर्शन करवाते हैं।
Chandra grahan 2022 ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, ग्रहणकाल में गर्भवती महिलाओं को अपने पास नारियल रखना चाहिए। माना जाता है ऐसा करने से ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव कम होता है। गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के दौरान सुई, चाकू, कैंची जैसी नोकदार वस्तुओं से दूर रहना चाहिए।
बैकुंठ चतुर्दशी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आती है। बैकुंठ चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने वाले को स्वर्ग की प्राप्ति होती है। अपने जीवन के अंत में उसे भगवान विष्णु के निवास स्थान बैकुंठ में स्थान मिलता है।
आज हम आपको अमावस्या के दिन किए जाने वाले उपायों के बारे में बता रहे हैं, जो व्यक्ति को कुछ दोषों से मुक्ति दिलाते हैं।
Saphala Ekadashi 2022: खरमास का शुभारंभ गत 16 दिसंबर को हो चुका है। खरमास में पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी 19 दिसंबर को पड़ रही है। इसे सफला एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना और व्रत रखने से सुख, समृद्धि मिलती है।
सनातन धर्म में तुलसी की पूजा करना शुभ माना जाता है। माता तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं। तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है।