चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन: राशि अनुसार दें कन्‍याओं को उपहार!

चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन कैसे करें कन्‍या पूजन?

चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन: चैत्र नवरात्रि की अष्‍टमी तिथि को महाअष्‍टमी भी कहा जाता है। इस दिन भक्तजन माता दुर्गा के अष्टम स्वरूप की पूजा करते हैं। कुछ लोग अष्‍टमी ति‍थि पर कन्‍या पूजन भी करते हैं। मान्यता है कि अष्टमी पर किया गया कन्या पूजन न केवल माता की कृपा प्राप्त कराता है, बल्कि जीवन से कष्ट और संकट भी दूर करता है।

नवरात्रि के अंतिम दो दिनों अर्थात् अष्टमी और नवमी को महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन घर-घर में पूजा, हवन, कन्या पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाते हैं। हालांकि, यहां हम बात करेंगे चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि के बारे में।

एस्ट्रोसेज एआई का यह ब्लॉग आपको चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन अर्थात् “अष्टमी तिथि” से जुड़ी समस्त जानकारी प्रदान करेगा। साथ ही, इस दिन देवी के किस स्वरूप की पूजा की जाती है? क्या है इस दिन का महत्व, पूजा मुहूर्त, नियम और कथा आदि से भी आपको रूबरू करवाएंगे। तो आइए शुरुआत करते हैं इस लेख की और जानते हैं अष्टमी तिथि के बारे में सब कुछ।

यह भी पढ़ें: राशिफल 2026

दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें कॉल/चैट पर बात और जानें अपने संतान के भविष्य से जुड़ी हर जानकारी

चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन: तिथि

इस बार 26 मार्च, 2026 को गुरुवार के दिन अष्‍टमी तिथि पड़ रही है। इसे अन्‍नापूर्णा अष्‍टमी भी कहा जाता है। इस दिन संधि पूजा सुबह 11 बजकर 24 मिनट पर शुरू होगी और दोपहर 12 बजकर 12 मिनट पर समाप्‍त होगी।

  बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा  

चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन: किसकी होती है पूजा

नवरात्रि के आठवें दिन महागौरी की पूजा की जाती है। महागौरी यानी अत्यंत गोरी, चमकदार और श्वेत वर्ण वाली। मां का शरीर हिम की तरह श्वेत और कोमल है, इसलिए इन्हें श्वेतवर्णा देवी भी कहा जाता है।

मां महागौरी का स्वरूप बेहद शांत, सौम्य और करुणामयी है। इनके चार भुजाएं हैं। दाहिने हाथ में त्रिशूल और अभयमुद्रा है, जबकि बाएं हाथों में डमरू और वरमुद्रा शोभित हैं। वह नंदी बैल पर सवारी करती हैं।

चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन: पूजन विधि

चैत्र नवरात्रि की अष्‍टमी तिथि पर आप निम्‍न विधि से मां महागौरी की पूजा कर सकते हैं:

  • सबसे पहले आप अष्‍टमी तिथि पर प्रात: काल उठकर स्‍नान करने के बाद धुले हुए वस्‍त्र पहन लें।
  • अब अपने घर के पूजा स्थल में कलश स्थापित करें और हाथ में जल, चावल और फूल लेकर व्रत का संकल्प करें। मां से प्रार्थना करें कि वे आपके जीवन से सभी दुख, दरिद्रता और पापों का नाश करें।
  • फिर मां महागौरी की तस्वीर या प्रतिमा को पूजन स्थान पर स्थापित करें। उनके सामने घी का दीपक जलाएं और धूप-दीप करें।
  • इसके बाद मां को गंगाजल, कच्चा दूध, शहद, दही और जल से स्नान कराएं। मां को चंदन, अक्षत, पुष्प, रोली और सिंदूर अर्पित करें।
  • मां महागौरी को नारियल, मिश्री, सफेद रंग की मिठाई, खीर और गाय का दूध विशेष प्रिय है। पूजा में इनका भोग लगाना शुभ रहता है।
  • पूजन के समय मां महागौरी के बीज मंत्र का जाप करें “ॐ देवी महागौर्यै नमः।” इस मंत्र का जाप 108 बार करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
  • आखिर में मां महागौरी की आरती करें। उन्हें पुष्प अर्पित करें और प्रार्थना करें कि वे आपके जीवन से नकारात्मकता, दरिद्रता और रोग-शोक का अंत करें।
  • अब कन्या पूजन करें। नौ कन्याओं को घर बुलाकर उन्हें पूजन, भोजन और वस्त्र देकर सम्मानित करना मां महागौरी को अत्यंत प्रिय है।

फ्री ऑनलाइन जन्म कुंडली सॉफ्टवेयर से जानें अपनी कुंडली का पूरा लेखा-जोखा

चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन: शुभ रंग

मां महागौरी का श्वेत रंग है इसलिए उन्हें सफेद रंग विशेष प्रिय होता है। भक्तों को इस दिन सफेद वस्त्र पहनकर पूजा करनी चाहिए। सफेद रंग निर्मलता, पवित्रता और शांति का प्रतीक माना जाता है। इस रंग से मां को प्रसन्न करना अत्यंत सरल होता है और जीवन में सुख-समृद्धि व सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।

मां महागौरी का वाहन क्‍या है

मां महागौरी वृषभ यानी बैल की सवारी करती हैं जो कि शक्‍ति, धैर्य और स्थिरता का प्रतीक है। बैल पर सवार होकर महागौरी अपने भक्‍तों को सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करती हैं।

AstroSage AI पॉडकास्ट सुनें – यहां आपको मिलेंगे ज्योतिष, जीवन के रहस्य, किस्मत के संकेत और AI द्वारा बताए गए सटीक ज्योतिषीय समाधान। अपनी ज़िंदगी के अहम सवालों के जवाब अब आवाज़ में, आसान भाषा में।

मां महागौरी का प्रिय भोग

मां महागौरी के पूजन में नारियल, हलवा, पूड़ी और सफेद रंग की मिठाई जैसे पुए-खीर का भोग लगाना शुभ रहता है। इस दिन मां को भोग लगाने से भक्तों को जीवन में समृद्धि, स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है। अष्टमी तिथि पर कन्या पूजा करने वाले लोग देवी को पूरी, सब्जी, हलवे और काले चने का भी प्रसाद के रूप में भोग लगा सकते हैं।

महारात्रि पूजन के लिए मंत्र

माता महागौरी की पूजा आठवें नवरात्रि के दिन निम्न मंत्रों से करें। 

॥ॐ देवी महागौर्यै नमः॥

प्रार्थना मंत्र

श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।

महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

स्त्रोत

सर्वसङ्कट हन्त्री त्वंहि धन ऐश्वर्य प्रदायनीम्।

ज्ञानदा चतुर्वेदमयी महागौरी प्रणमाम्यहम्॥

सुख शान्तिदात्री धन धान्य प्रदायनीम्।

डमरूवाद्य प्रिया अद्या महागौरी प्रणमाम्यहम्॥

त्रैलोक्यमङ्गल त्वंहि तापत्रय हारिणीम्।

वददम् चैतन्यमयी महागौरी प्रणमाम्यहम्

नए वर्ष की भविष्यवाणी प्राप्त करें वार्षिक कुंडली 2026 से 

चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन: पौराणिक कथा 

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने भीषण गर्मी, कड़ी सर्दी और भयंकर बरसात में वर्षों तक कठोर तपस्या की थी जिसकी वजह से उनका रंग काला पड़ गया था। इसके पश्चात, शिव जी ने माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर गंगा के पवित्र जल से स्नान कराया और इस स्नान से देवी का वर्ण गोरा हो गया, उस समय से ही देवी को माता महागौरी के नाम से जाने जाना लगा।

चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन: कन्‍या पूजन के नियम

अगर आप अष्‍टमी तिथि पर कन्‍या पूजन कर रहे हैं, तो आपको आगे बताई गई बातों का ध्‍यान रखना चाहिए।

  • कन्या पूजन के लिए हमेशा 2 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की कन्याओं को लेना चाहिए। 
  • शास्‍त्रों में 2 वर्ष की कन्या को कुमारी, 3 वर्ष की कन्या को त्रिमूर्ति, 4 वर्ष की कन्या को कल्याणी, 5 वर्ष की कन्या को रोहिणी, 6 वर्ष की कन्या को कालिका, 7 वर्ष की कन्या को चंडिका, 8 वर्ष की कन्या को शांभवी, 9 वर्ष की कन्या को दुर्गा और 10 वर्ष की कन्या को सुभद्रा का रूप माना जाता है।
  • कन्या पूजन में शामिल होने वाली हर कन्या के हाथ-पैर आप स्वयं धोएं और उनके  लिए सम्मान पूर्वक आसन बिछाकर कन्याओं को उस पर बिठाएं।
  • इसके बाद उन्हें श्रद्धापूर्वक हलवा-पूरी और काले चने का भोजन कराएं। 
  • भोजन करने के पश्चात कन्याओं के पैर छूकर उनको दक्षिणा देकर विदा करें और उनका आशीर्वाद लें।

रत्न, रुद्राक्ष और अन्य ज्योतिषीय उत्पादों की खरीद के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज एआई शॉप 

चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन: राशि अनुसार दें कन्‍याओं को उपहार 

आप कन्‍या पूजन के ज़रिए मां महागौरी को प्रसन्‍न करने के लिए अपनी राशि के अनुसार कन्‍याओं को निम्‍न उपहार दे सकते हैं:

  • मेष राशि वाले भक्‍त कन्याओं को लाल रंग की वस्तुएं उपहार में दे सकते हैं जैसे कि लाल रंग के कपड़े, हेयर बैंड, क्लिप आदि।
  • वृषभ राशि वाले महाअष्‍टमी पर कन्‍याओं को सफेद रंग की मिठाई जरूर खिलाएं जैसे कि रसगुल्ला, सोंदेश, बर्फी आदि।
  • जिनकी मिथुन राशि है, वे हरे रंग की वस्तु कन्याओं को तोहफे में दे सकते हैं। इसमें हरे रंग की क्लिप, बैंड या कोई भी खिलौना ले सकते हैं।
  • कर्क राशि वाले अपने सामर्थ्‍य के अनुसार चांदी की कोई वस्तु भेंट में दे सकते हैं। आप स्टील के बर्तन भी दे सकते हैं।
  • सिंह राशि वाले पीतल की कोई वस्तु दे सकते हैं जैसे कि पीतल का कड़ा या खिलौना।
  • कन्या राशि वाले पढ़ाई से संबंधित चीज़ें कन्‍या पूजन में बच्चियों को उपहार में दें।
  • तुला राशि वाले अष्‍टमी तिथि पर कन्याओं को कांच या लाख की चूड़ियां दे सकते हैं।
  • वृश्चिक राशि के जातक कन्‍याओं को खिलौने आदि दे सकते हैं।
  • धनु राशि वाले उपहार में पीले रंग का उपयोग जरूर करें जैसे कि पीली मिठाई या पीले रंग के कपड़े या खिलौने आदि।
  • मकर राशि वाले कन्या पूजन के दौरान कन्याओं को काले या फिर नीले रंग की कोई चीज़ दे सकते हैं।
  • कुंभ राशि के लोग काले या नीले रंग की कोई वस्तु उपहार में दे सकते हैं।
  • मीन राशि के लोग कन्‍या पूजन में बच्चियों को कोई क्रिएटिव चीज़ दे सकते हैं।

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह ब्लॉग ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. 2026 में अष्टमी कब है?

चैत्र नवरात्रि 2026 में अष्टमी तिथि 26 मार्च, 2026 को पड़ रही है। 

2. देवी दुर्गा का आठवां स्वरूप कौन सा है?

माता रानी का आठवां स्वरूप मां महागौरी का है।

3. आठवें नवरात्रि पर किसकी पूजा की जाती है? 

चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर माता महागौरी की पूजा का विधान है।

The post चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन: राशि अनुसार दें कन्‍याओं को उपहार! appeared first on Online Astrological Journal – AstroSage Magazine.

Similar Posts

10 Comments

  1. This article provides valuable insights into Chaitra Navratri traditions and the significance of Ashtami. The detailed explanation of how different zodiac signs can select appropriate gifts for girls is particularly helpful. I appreciate the comprehensive coverage of the rituals and their spiritual importance during these final days of Navratri.

  2. This article on Chaitra Navratri’s eighth day and gift-giving based on zodiac signs is very informative. The connection between Ashtami tithi and Kanya Pujan rituals is well explained. I appreciate how you’ve detailed the spiritual significance and practical guidance for devotees during this important festival period.

  3. The information about Chaitra Navratri’s eighth day and gift-giving based on zodiac signs is really helpful. I appreciate how the article explains the significance of Ashtami and Navami, especially the traditions of Kanya Pujan. The spiritual practices mentioned here align well with the importance of testing and precision in daily life—just like how we need to verify the functionality of our tools to ensure everything works smoothly.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *